Sunday, March 27, 2022

मैंने खुद चुना.....

"हां तो क्या हुआ? ये तो मैंने खुद चुना अपने लिए........
तुम अकेले कैसे चुन सकती हो?????
क्यों नहीं?????
फिर मैं कहां हूं?????
तुम हर जगह हो.....
ये तो ग़लत है.......
कैसे?????? देखो....... जब मैं थी तब तुम्हारे बारे में ना मैं जानती थी, ना कभी जानना चाहा और ना ही कभी जानना चाहूंगी!!!!!!
अच्छा!!!!!!! इसका मतलब अभी भी नहीं जाना?????
तुमने बताया कभी??????
मतलब कि शब्द ही सब कुछ हैं, भावनाएं कुछ भी नहीं......
जब कोई भावनाएं व्यक्त करता है ना तो उस मंजर से खुबसूरत कोई मंज़र नहीं होता......
चलो छोड़ो.......
क्यों छोड़ो???????
कुछ नहीं।।।।।
देखो, सबसे पहले मैंने बोला, मैंने बताया.......
अच्छा सबसे पहले किसने, किसको अप्रोच किया??????
हां तो....... आप ने कहा आप आए क्योंकि आपको लगा मुझे जरूरत है........ कहा किसने था कि आप मदद करो???????
अच्छा,,,, नहीं करनी चाहिए थी??????
मदद ना करते तो मैं मीरा बन जाती।।।।।।
अब यहां यु- टर्न ले लेना चाहिए।
ग़लत बात है!!!!!!
आप जो कहते हो सब सही......
ऐसा कुछ नहीं है!!!!!
आह!!!!!!!!!
............""""""".