Monday, August 10, 2020

दिल की धड़कन

दिल धड़कता है तो आती हैं सदाएँ तेरी..
मेरी साँसों में महकने लगी साँसें तेरी..!

शे’र तो रोज़ ही कहते हैं ग़ज़ल के लेकिन..
आ! कभी बैठ के तुझसे करें बातें तेरी..!

बेख़बर ओट से तू झाँक रहा हो मुझको..
और हम चुपके से तस्वीर बना लें तेरी..!!
नवाज़ देवबंदी

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