Monday, January 6, 2020

बेपनाह मोहब्बत...... बेपरवाह लोगों से!!!!!

दे दो फिर मुझे
सौ ग्राम तुम्हारी खुशबू
50 ml छलकती मुहब्बत
आ जाओ पास मेरे
मांगने को और भी बहुत कुछ है
क्या दे पाओगे तुम
अपना सा कुछ......!!!!!

मैं आईना हूं,
मेरा वजूद है तुमसे।
तुम्हें खुद में उतरता देखूं;
कुछ न कह सकूं।
तुम्हारी इच्छाएं, आशाएं,
हो जाएं मेरी।
तुम्हारे दोष भी मुझ में मिल जाएं।
पर जब मुझ में खुद को ढूंढो,
तब ये मत भूलना,
कि आईना हूं मैं,
मेरा वजूद है,
तुम से ही!!!!!!!

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